चार साल बेमिसाल”: के अंतर्गत जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने धामी सरकार की करी सराहना, देवभूमि के शहीदों को नमन, यूसीसी और विकास कार्यों को बताया ऐतिहासिक; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गिनाईं चार साल की उपलब्धियां


हल्द्वानी 21 मार्च। हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कॉलेज में उत्तराखण्ड सरकार के “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भव्य जनसभा में राजनाथ सिंह ने प्रतिभाग कर राज्य सरकार की उपलब्धियों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री का नंदा देवी मंदिर की प्रतिकृति एवं स्थानीय हस्तनिर्मित शॉल भेंट कर स्वागत किया।
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने उत्तराखण्ड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह देवभूमि आस्था, अध्यात्म, ऋषि-मुनियों और तपस्वियों की पावन भूमि रही है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग सरल, परिश्रमी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
रक्षा मंत्री ने धामी सरकार की कार्यशैली को सराहते हुए कहा कि राज्य में जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि “धामी न केवल धाकड़ हैं, बल्कि अब धुरंधर बन चुके हैं”, जो प्रदेश के विकास के लिए प्रभावी निर्णय ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और यह यात्रा संघर्ष, बलिदान और विकास की कहानी रही है। राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, बिजली उत्पादन, पर्यटन, रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्रों में तेजी से प्रगति हो रही है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो विकास की गति को दर्शाता है।
उन्होंने धामी सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों—यूनिफॉर्म सिविल कोड, नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सीमांत गांवों के विकास—को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।
अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखना आवश्यक है। राज्य सरकार द्वारा हजारों अतिक्रमण हटाए गए हैं और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने “वाइब्रेंट विलेज योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास और पलायन रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ठोस प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने “पहाड़ की जवानी और पानी” के स्थानीय उपयोग पर बल देते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर सशक्त भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य में निवेश, पर्यटन, बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से बड़े निवेश समझौते हुए हैं, जबकि स्टार्टअप और उद्योगों की संख्या में तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे कदमों से राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है। नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है और हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, होटल और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों से रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है।
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया, जिसमें जमरानी बांध परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण विकास और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, रामसिंह कैडा, प्रदीप बत्रा, मदन कौशिक, गणेश जोशी, खजान दास, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, दिवान सिंह बिष्ट, सरिता आर्या, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, शिव अरोड़ा, सुरेश गड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तृत झलक प्रस्तुत की गई।


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