ऋषिकेश/देहरादून 26 मई। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के दौरान कुछ ट्रैवल एजेंटों द्वारा मनमाने किराए वसूलने और निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लेकर बसों एवं अन्य वाहनों का संचालन किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा सीजन के चरम पर पहुंचने के साथ ही ओवररेटिंग की शिकायतें बढ़ने लगी हैं, जिससे पर्यटन और तीर्थाटन व्यवस्था की छवि भी प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार कई निजी ट्रैवल एजेंसियां चारधाम यात्रा पैकेज, बस बुकिंग और टैक्सी सेवाओं के नाम पर यात्रियों से निर्धारित दरों की तुलना में कहीं अधिक शुल्क वसूल रही हैं। कई मामलों में यात्रियों को यात्रा प्रारंभ होने के बाद अतिरिक्त भुगतान करने के लिए भी दबाव बनाया जाता है। वहीं कुछ एजेंटों द्वारा वाहनों की वास्तविक क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर संचालन करने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय माना जा रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से बुकिंग के दौरान एक राशि बताई जाती है, जबकि यात्रा शुरू होने के बाद विभिन्न शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त धनराशि मांगी जाती है। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि यात्रा सीजन का फायदा उठाकर कुछ एजेंट कृत्रिम मांग पैदा कर किराए बढ़ा देते हैं। इससे सीमित बजट में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े जिम्मेदार लोगों का कहना है कि कुछ एजेंटों की ऐसी गतिविधियों से पूरे पर्यटन उद्योग की छवि खराब होती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यात्रा मार्गों पर संचालित ट्रैवल एजेंसियों और वाहनों की नियमित जांच की जाए तथा निर्धारित किराया सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कराई जाए। साथ ही बिना पंजीकरण संचालित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी और धार्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में यात्रियों को पारदर्शी और सुरक्षित परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन और परिवहन विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते ओवररेटिंग और अनियमितताओं पर अंकुश नहीं लगाया गया तो श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों और यात्री संगठनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि यात्रा सीजन में विशेष निगरानी दल गठित कर ट्रैवल एजेंटों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए, शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था बनाई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले एजेंटों के लाइसेंस निलंबित करने जैसी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और चारधाम यात्रा की व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं भरोसेमंद बन सकेगी।
चारधाम यात्रा में ट्रैवल एजेंटों की मनमानी पर उठे सवाल ओवररेटिंग और नियमों की अनदेखी से श्रद्धालुओं की जेब पर पड़ रहा अतिरिक्त बोझ, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग













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