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विश्वविख्यात नंदा देवी राजजात यात्रा 2026 को लेकर  प्रतिनिधिमंडल ने शंकराचार्य स्वामी अभीमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से की भेट 


ऋषिकेश 22 नवंबर। 2026 में प्रस्तावित विश्वविख्यात नंदा देवी राजजात यात्रा—जो विश्व की सबसे लंबी ट्रैकिंग धार्मिक यात्रा मानी जाती है—की तैयारियों को लेकर कासावा के कुंवर विशन सिंह कुंवर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अभीमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से भेंट की।

बैठक में राजजात यात्रा के विभिन्न पारंपरिक, धार्मिक एवं आयोजन संबंधी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। कासावा के कुंवारों ने शंकराचार्य को अवगत कराया कि यह ऐतिहासिक यात्रा हर 12 वर्षों में एक बार होती है, जिसमें देश–विदेश से मां नंदा देवी के करोड़ों भक्त सम्मिलित होते हैं।

यात्रा का मुख्य आकर्षण चौ सिंघिया खाड़ू है, जिसके साथ नंदा देवी की पवित्र डोली अग्रसर होती है। परंपरा के अनुसार यह खाड़ू कुंवर वंश में जन्म लेता है और यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुंवर वंश के पुरोहित नौटी के नौटियाल भी संपूर्ण यात्रा में डोली के साथ चलते हैं। यात्रा के दौरान अनेक पारंपरिक पड़ाव पड़ते हैं जो इसे आध्यात्मिक व सांस्कृतिक रूप से और भी समृद्ध बनाते हैं।

इसके अलावा श्री देव डोली विरासतीय शोभा यात्रा समिति के पदाधिकारी भी शंकराचार्य जी से मिले और यात्रा आयोजन में अपनी भूमिकाओं तथा परंपराओं पर विमर्श किया।

बैठक के दौरान शंकराचार्य जी ने कासावा में निर्माणाधीन नंदा देवी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने का भी आश्वासन दिया।

इस अवसर पर भोपाल सिंह चौधरी, बिशन सिंह कुंवर, वंशीधर पोखरियाल, जसपाल चौहान, कुसुम जोशी, श्रीकांत सिंह, हर्ष मणि व्यास, विशाल मणि, गजेंद्र सिंह कंडियाल आदि मौजूद थे।


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