देहरादून, 8 मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित “नारी तू नारायणी” सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए राज्य की 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया। शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति और जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली इन महिलाओं को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उन मातृशक्तियों का सम्मान किया जा रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं मां के रूप में अपने जीवन के अनेक सुखों का त्याग कर अपने बच्चों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वरिष्ठ महिलाएं न केवल परिवार की धुरी होती हैं, बल्कि वे संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की भी संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की मातृशक्ति का योगदान विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। यहाँ की महिलाएं परिवार के साथ-साथ खेत-खलिहानों की जिम्मेदारी भी संभालती हैं और कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती के साथ आगे बढ़ती हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की माताओं ने अपने परिश्रम, त्याग और अदम्य साहस से राज्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और वृद्ध माताओं की सेवा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार महिलाओं, विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन योजना और विधवा पेंशन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। सरकार का संकल्प है कि उत्तराखण्ड की प्रत्येक वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि जिन वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और समाज के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन समाज की अमूल्य धरोहर है।
इस अवसर पर सचिव चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की थीम “Give to Gain” निर्धारित की गई है। इसी थीम के अनुरूप उन वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जो 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद भी सक्रिय रहते हुए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ सहित विभिन्न जनपदों की 38 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर उत्तराखण्ड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़, निदेशक बी.एल. राणा, विक्रम सिंह, एस.के. त्रिपाठी, मोहित चौधरी सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।











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