देहरादून, 14 अप्रैल। बैसाखी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिख समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उत्तराखण्ड किसान आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी, जनसंख्या नियंत्रण समिति के अध्यक्ष दिनेश मानसेरा, विधायक सुरेश गड़िया सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक सरोपा भेंट कर सम्मानित किया तथा बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं। हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सिख समुदाय के कल्याण, सम्मान और धार्मिक आस्था के संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों से सिख समाज को नई पहचान और सम्मान मिला है।
उन्होंने विशेष रूप से हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह श्रद्धालुओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे कठिन पर्वतीय यात्रा सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने “वीर बाल दिवस” के आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। साथ ही गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाना सिख इतिहास के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अफगानिस्तान के कंधार से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को भारत वापस लाना सिख समुदाय के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए सभी को बैसाखी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने बचपन की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन भूमि और गुरबाणी का उनके जीवन में विशेष स्थान रहा है, जिसने उन्हें सदैव सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समुदाय के सम्मान और सुविधा के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन और तीर्थाटन के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि हेमकुंट साहिब के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना लगभग ₹1700–₹1800 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है। यह परियोजना आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी और पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिख श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हेमकुंट साहिब यात्रा मार्ग पर बेहतर सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, आवास और सुरक्षा व्यवस्थाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
बैसाखी पर सीएम धामी से मिला सिख प्रतिनिधिमंडल, हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना पर जताई खुशी












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