उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देगा 5 वर्षीय मास्टर प्लान: पुष्कर सिंह धामी


उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देगा 5 वर्षीय मास्टर प्लान: पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। 17 अप्रैल।  पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा तैयार आगामी पांच वर्षों (2026–2031) के कार्यों से संबंधित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के समग्र विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा दीर्घकालिक विजन पर आधारित इस मास्टर प्लान का निर्माण सराहनीय है, जो राज्य में सुदृढ़, सुरक्षित और भविष्य उन्मुख इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्पों को साकार करने में यह पुस्तिका अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में बीते वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से कार्य हुए हैं। राज्य में सड़कों के व्यापक निर्माण के साथ ही अब नवाचार और आधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तेजी से पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है, ऐसे में पर्यटकों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। यह मास्टर प्लान राज्य के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तय करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग स्पष्ट विजन के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है और राज्य में कनेक्टिविटी व इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि इस मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक परियोजनाओं का विजन शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर आवश्यकतानुसार इसमें संशोधन भी किए जाएंगे। पुस्तिका में रोड कनेक्टिविटी, इकोनॉमिक हब कनेक्टिविटी, ब्रिज डेवलपमेंट व सेफ्टी, सड़क सुरक्षा, स्लोप प्रोटेक्शन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन एवं नीतिगत सुधार जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है।

कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख अभियंता राजेश चन्द्र शर्मा, मुख्य अभियंता रणजीत रावत, राजेन्द्र सयाना, अधीक्षण अभियंता मनोज बिष्ट, अरुण पाण्डेय, अधिशासी अभियंता बी.एन. द्विवेदी, राजेश कुमार, नीरज त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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