ऋषिकेश, 18 अप्रैल।उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा-2026 का विधिवत शुभारम्भ शनिवार को ऋषिकेश से हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में चारधाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रियों के लिए लगाए गए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का स्थलीय निरीक्षण भी किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए श्रद्धालुओं का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, साधना और आत्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है। यह यात्रा श्रद्धालुओं को कठिनाइयों से पार पाने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि यात्रा को सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य बनाया जाए, ताकि हर यात्री अपने साथ सुखद और अविस्मरणीय अनुभव लेकर जाए।
उन्होंने कहा कि मां गंगा के आशीर्वाद से हर वर्ष यात्रा नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। सरकार यात्रा की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रही है और प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इसलिए इसकी पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा मार्ग और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ‘ग्रीन चारधाम यात्रा’ और ‘प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ’ का लक्ष्य रखा गया है। यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से यात्रा तेज और आसान हुई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं, जबकि गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत यात्रा मार्गों को बेहतर बनाया गया है। गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ी है, इसलिए स्थानीय उत्पादों और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक स्थानीय वस्तुएं खरीदने का भी आग्रह किया गया है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार यात्रियों की सुविधा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं और जारी एडवाइजरी का पालन करें। उन्होंने बताया कि केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो चुका है, जबकि बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा।
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस वर्ष संवेदनशील और सिंगल लेन मार्गों पर शटल सेवा शुरू की गई है। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर और विभिन्न स्थानों पर एलईडी के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत बिंद्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।












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