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मुख्यमंत्री ने 483 युवाओं को वितरित किए नियुक्ति पत्र, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से युवाओं के सपने हो रहे साकार:  पुष्कर सिंह धामी


देहरादून, 22 मई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई विभाग एवं कृषि विभाग के अंतर्गत विभिन्न पदों पर चयनित कुल 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 473 अभ्यर्थी सिंचाई विभाग तथा 10 अभ्यर्थी कृषि विभाग के शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे उत्तराखण्ड का सपना देखा था, जहां युवाओं की पहचान उनकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हो। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को दिए जा रहे नियुक्ति पत्र इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण केवल नौकरी प्रदान करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा-भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का संघर्ष और वर्षों की कठिन मेहनत छिपी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी और निष्पक्ष होती हैं, तभी योग्य एवं ईमानदार युवाओं को अवसर मिलता है और व्यवस्था मजबूत बनती है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरियों में चयन केवल प्रतिभा और मेहनत के आधार पर हो रहा है। यही नई कार्यसंस्कृति उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य के लगभग 33 हजार युवाओं को सरकारी रोजगार प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवचयनित अभ्यर्थियों का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखण्ड की सेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी विभाग केवल भवनों और फाइलों से नहीं चलता, बल्कि कर्मठ, समर्पित और ईमानदार कर्मचारियों से उसकी पहचान बनती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार भी सिंचाई एवं कृषि क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड कमी आई है तथा रिवर्स पलायन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अब पहाड़ का युवा पलायन नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र में संभावनाएं तलाश रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया को नई मजबूती मिली है। वहीं कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अब केवल पात्र और मेहनती युवाओं को ही नियुक्तियां मिल रही हैं।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, महंत दलीप सिंह रावत, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे तथा युगल किशोर पंत सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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