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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित ने की ऋषिकेश में गंगा आरती , मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित सांसदों और मंत्रियों ने भी की शिरकत,संतों के सान्निध्य में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संदेश


ऋषिकेश, 29 मई। हिमालय की पावन गोद में स्थित विश्व विख्यात परमार्थ निकेतन में शुक्रवार को देवभक्ति, देशभक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के परमार्थ निकेतन आगमन पर संत समाज एवं गणमान्य अतिथियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने परमार्थ गंगा आरती में सहभागिता कर गंगा तट की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री धनसिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भाजपा मदन कौशिक, योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री विनय रोहेल्ला तथा यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर आचार्य महामण्डलेश्वर  स्वामी अवधेशानन्द गिरि  महाराज, योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव  महाराज, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष  स्वामी चिदानन्द सरस्वती  महाराज, आचार्य महामण्डलेश्वर  स्वामी कैलाशानन्द  महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष  महंत रवीन्द्र पुरी  महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती , आचार्य बालकृष्ण , महामण्डलेश्वर  स्वामी दयाराम दास  महाराज तथा संत मुरलीधर  महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।
परमार्थ निकेतन में आयोजित इस विशेष संत समागम में राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, पर्यावरण संरक्षण, युवा सशक्तिकरण और वैश्विक शांति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चिंतन-मंथन किया गया। संतों ने कहा कि भारत केवल भूमि का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की तपोभूमि है, जहाँ आध्यात्मिकता और राष्ट्रभाव एक-दूसरे के पूरक हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि “हम लोग गंगा के तट वाले लोग हैं। गंगा मैया और छठी मैया का आशीर्वाद हमारे साथ है। गंगा के तट पर आते ही मन स्वतः शांत और पवित्र हो जाता है। पूज्य संत हजारों वर्षों से सनातन परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं। संतों ने हर कठिन समय में भारत को दिशा देने का कार्य किया है। जब तक गंगा की धारा प्रवाहित होती रहेगी, तब तक भारतीय संस्कृति और संतों का आशीर्वाद देश को मिलता रहेगा।”
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष  स्वामी चिदानन्द सरस्वती  महाराज ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी आध्यात्मिकता में बसती है। जब संत समाज, शासन, युवा शक्ति और समाज एक साथ राष्ट्रहित में कार्य करते हैं, तब एक सशक्त, समृद्ध और संस्कारित भारत का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय विकास और विरासत को साथ लेकर चलने का है और सरकार इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन ने  ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन पहुंचकर विधिवत गंगा पूजन एवं भव्य गंगा आरती में सहभाग किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने मां गंगा से देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने कहा कि उत्तराखण्ड की धरती पवित्रता, संयम और दिव्यता की भूमि है। गंगा के तटों ने पूरे विश्व को ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का संदेश दिया है। 
कार्यक्रम के अंत में  स्वामी चिदानन्द सरस्वती  महाराज ने सभी विशिष्ट अतिथियों एवं संत-महात्माओं को परमार्थ निकेतन की ओर से रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर सम्मानित किया। गंगा तट पर आयोजित भव्य आरती में उपस्थित श्रद्धालुओं और अतिथियों ने राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिकता के दिव्य वातावरण का अनुभव किया।


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