ऋषिकेश, 14 जुलाई। राष्ट्रीय राजमार्ग-07 के चौड़ीकरण कार्य के तहत सात मोड़ क्षेत्र में चल रही पेड़ों की कटान के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं मौके पर मौजूद चार अन्य युवकों को कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के चलते एहतियातन हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार सात मोड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत वन विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से पेड़ों की कटान का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग पेड़ों की कटाई का विरोध करते हुए पेड़ों से लिपट गए तथा कार्य को रोकने का प्रयास करने लगे। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
मौके पर तैनात पुलिस बल, वन विभाग एवं एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने उन्हें सरकारी कार्य में बाधा न डालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी मौके से हटने को तैयार नहीं हुए। पुलिस का कहना है कि बार-बार समझाने के बावजूद प्रदर्शन जारी रहने तथा शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर कार्रवाई की गई।
इसके बाद पुलिस ने नौ पुरुषों और चार महिलाओं समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
गिरफ्तार व्यक्तियों में प्रमिला रावत, दीप्ति रावत, सौम्य, पवन बिष्ट, मुकेश भट्ट, शैलेन्द्र गुंसाई, राकेश, हिमांशु पुण्डीर, भुवन चन्द्र पाठक, त्रिलोचन भट्ट, राघवेन्द्र, निर्मला बिष्ट और विजया मैठाणी शामिल हैं।
इसी दौरान कोतवाली ऋषिकेश पुलिस द्वारा सात मोड़ क्षेत्र में कानून व्यवस्था की निगरानी की जा रही थी। पुलिस टीम ने मौके पर चार युवकों को विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मौजूद पाया। पुलिस के अनुसार भविष्य में इनके उग्र प्रदर्शन में शामिल होकर शांति व्यवस्था प्रभावित करने की संभावना को देखते हुए एहतियातन हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए गए युवकों में विजय शर्मा निवासी सीमाद्वार, प्रीतम सिंह निवासी रायपुर, जतिन निवासी भानियावाला तथा मनीष निवासी रायपुर शामिल हैं। पूछताछ के बाद चारों को कोतवाली से उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
उधर, सात मोड़ क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर पिछले कुछ समय से पर्यावरण संरक्षण को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों और प्रशासन के बीच मतभेद देखने को मिल रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण परियोजना को यातायात सुधार और सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, जबकि विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए नुकसानदेह होगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने या शांति व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सात मोड़ क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी है।
सात मोड़ में पेड़ों की कटान का विरोध पड़ा भारी, 13 गिरफ्तार; चार युवकों को एहतियातन हिरासत में लिया













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