Advertisement

कैबिनेट के बड़े फैसले: हल्द्वानी में बनेगा हाईकोर्ट परिसर, गौपालन योजना का दायरा बढ़ा, मजदूरों को मिलेगा डिजिटल वेतन गंगा एक्सप्रेस-वे हरिद्वार तक बढ़ाने के लिए होगा समझौता, खेल विश्वविद्यालय में 122 पदों को मंजूरी


देहरादून, 7 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक हित, शिक्षा, न्यायिक आधारभूत संरचना, पर्यटन, खेल, पेयजल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी।
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस निर्णय को प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौपालन योजना का दायरा बढ़ा, सामान्य वर्ग भी होगा लाभान्वित
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का विस्तार किया गया है। अब योजना का लाभ सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा। लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि पहले वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को इसका लाभ मिलेगा, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन कम करने में मदद मिलेगी।
श्रमिकों के लिए नई मजदूरी नियमावली लागू
कैबिनेट ने मजदूरी संहिता-2019 के तहत उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया। नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जाएगी। ओवरटाइम कार्य का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा तथा प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन देना अनिवार्य होगा। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ महिला और पुरुष श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का प्रावधान भी किया गया है।
छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली-2026 लागू की जाएगी। इससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर आवास, भोजन, शिक्षा और सर्वांगीण विकास की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
ईको टूरिज्म को मिलेगा नया आयाम
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया है। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण और स्थानीय समुदायों के समन्वय को और प्रभावी बनाया जा सके।
खेल विश्वविद्यालय के लिए 122 पद स्वीकृत
गौलापार, हल्द्वानी स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन को सुचारू बनाने के लिए 122 नियमित पदों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही तकनीकी एवं सहायक सेवाओं के लिए आउटसोर्स व्यवस्था भी लागू की जाएगी। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।
गंगा एक्सप्रेस-वे हरिद्वार तक बढ़ाने की तैयारी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाने को मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
औद्योगिक संबंध नियमावली को मंजूरी
औद्योगिक संबंध संहिता-2020 के तहत उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसमें औद्योगिक विवादों के त्वरित समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल और तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिकों के लिए री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट ने केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम-2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का निर्णय लिया। इसके अलावा दिनेशपुर और शक्ति फार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उसी समुदाय के प्रतिनिधियों को उपाध्यक्ष और सदस्य नामित करने का फैसला लिया गया।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली-2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधानों को हटाने का भी निर्णय लिया गया है। वहीं ग्रामीण पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण और संचालन के लिए केंद्र सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू किया जाएगा।
इसके साथ ही उत्तराखण्ड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली-2026 लागू करते हुए स्केलर पदों की भर्ती में 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनेगी।
राज्य सरकार के इन निर्णयों को विकास, रोजगार, सामाजिक न्याय, श्रमिक कल्याण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *