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10,709 निर्माण श्रमिकों के खातों में पहुंची 18.49 करोड़ की सहायता राशि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक क्लिक से डीबीटी के जरिए जारी की धनराशि, बोले- हर पात्र श्रमिक परिवार तक पहुंचे कल्याण योजनाओं का लाभ


देहरादून 19 सितंबर।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 18 करोड़ 49 लाख रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक परिवार तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच के दौरान किसी बीमारी की पहचान होने पर स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर उनके समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

शिक्षा सहायता के सबसे अधिक लाभार्थी

वर्तमान डीबीटी में 8,083 लाभार्थियों को शिक्षा सहायता, 2,354 को पुत्री विवाह सहायता, 177 को मृत्युपरांत सहायता तथा 95 लाभार्थियों को प्रसूति एवं प्रसविधा सहायता प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 10,709 लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि पहुंचाई गई।

बैठक में बोर्ड की ओर से निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संचालित समेकित कल्याण मॉडल की प्रगति की जानकारी भी दी गई। अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट और 23,216 पोषाहार किट वितरित किए जा चुके हैं। इस तरह कुल 83,319 किट श्रमिक परिवारों तक पहुंचाई गई हैं।

2.32 लाख स्वास्थ्य परीक्षण

मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने योजना की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से श्रमिकों में कुछ गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में सभी विभाग अपनी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

LCCMS से सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत बढ़ोतरी

कार्यक्रम में Labour Cess Collection Management System (LCCMS) की प्रगति की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि वर्ष 2025 में इस प्रणाली को ई-गवर्नेंस श्रेणी में SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया। भारत सरकार के स्तर पर भी प्रणाली की सराहना की गई और इसे Best Practices Compendium में शामिल किया गया है।

LCCMS के माध्यम से अब तक 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जा चुका है। वहीं सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस डिजिटल प्रणाली को देशभर में अपनाए जाने योग्य डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है।

उत्तराखंड के श्रमिक स्वास्थ्य मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक स्वास्थ्य योजना को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में योजना की सराहना की गई। पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड के इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि दिखाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ श्रमिकों और उनके परिवारों तक पहुंचाना है। श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाएगा।

इस अवसर पर राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित श्रम विभाग एवं बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।


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