देहरादून 25 मार्च। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना को मंजूरी देने के साथ ही पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों को स्वरोजगार योजनाओं में आरक्षण और अतिरिक्त सब्सिडी देने का बड़ा फैसला लिया गया है।
कैबिनेट ने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-व्हीकल खरीदने पर रियायती ब्याज दर पर ऋण सुविधा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत न्याय विभाग के कर्मचारियों को नॉमिनल इंटरेस्ट रेट पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
ऊर्जा विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में फ्री बिजली योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी की वसूली से संबंधित अधिनियम को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि ऊर्जा विभाग की सब्सिडी का लाभ 31 मार्च 2025 तक ही मान्य रहेगा।
प्रशासनिक सेवाओं में संशोधन
वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक पद के लिए पहले न्यूनतम 25 वर्ष की सेवा अनिवार्य थी, जिसे अब कार्मिक विभाग की तर्ज पर घटाकर 22 वर्ष कर दिया गया है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग में एक करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी सेवाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
गृह विभाग और पुलिस से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने गृह विभाग की 2025 में बनाई गई नई नियमावली को लागू करने की अनुमति दे दी है। साथ ही उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली को भी मंजूरी दी गई। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद पुलिस और संबंधित विभागों के प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों को नियुक्त करने की अनुमति भी दी गई है।
कार्मिक विभाग में सिपाही और उप निरीक्षक पदों से संबंधित नियमावली में संशोधन करते हुए आयु सीमा में छूट के बाद उम्मीदवारों को दोबारा अवसर देने का निर्णय लिया गया है। यह प्रावधान पुलिस, पीएसी, अग्निशमन और प्लाटून सहित अन्य इकाइयों पर लागू होगा।
शिक्षा और खाद्य विभाग से जुड़े निर्णय
माध्यमिक शिक्षा विभाग में एडेड स्कूलों की व्यवस्था के अध्ययन के लिए उप समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में 2.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं और धान की खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत भारत सरकार जितना मंडी शुल्क दे रही है, उतना ही राज्य सरकार भी किसानों को देगी।
स्वरोजगार और पूर्व सैनिकों के लिए विशेष प्रावधान
कैबिनेट ने उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 10 प्रतिशत लक्ष्य पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है। साथ ही उन्हें 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने में मदद मिल सकेगी।
इसके अलावा नियोजन विभाग के अंतर्गत सेतु आयोग से संबंधित प्रावधानों को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है। कैबिनेट बैठक में पंचम विधानसभा के सत्रावसान को भी मंजूरी दे दी गई।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, युवाओं और पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा विकास कार्यों को गति मिलेगी।
कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक में हुए कई विभागों से जुड़े अहम 16 बड़े फैसले, इन फैसलों से राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत , युवाओं और पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा विकास कार्यों को मिलेगी गति : पुष्कर सिंह धामी












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