देहरादून, 26 मार्च। देहरादून स्थित SGRR मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा डॉ. तनवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पुलिस प्रशासन को मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष एवं गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार डॉ. तनवी अपनी कार में संदिग्ध अवस्था में अचेत मिली थीं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब मृतका के पिता ने कॉलेज की नई विभागाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।
मृतका के पिता का आरोप है कि उनकी पुत्री का लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि विभागाध्यक्ष द्वारा छात्रा को बार-बार फेल करने की धमकियां दी जा रही थीं और अवैध रूप से पैसों की मांग भी की जा रही थी। पिता ने यह भी दावा किया है कि उनके पास इन आरोपों से संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (नगर) देहरादून प्रमोद कुमार को मामले की सूक्ष्मता से जांच कर साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में बेटियों पर मानसिक दबाव बनाना और उनका उत्पीड़न करना असहनीय है। महिला आयोग इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जांच की हर प्रगति पर नजर रखेगा।
पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। महिला आयोग ने पुलिस विभाग से इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं तथा यह सुनिश्चित करने को कहा है कि मामले से जुड़े किसी भी साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ न हो, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
SGRR मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा डॉ. तनवी की संदिग्ध मौत में विभागाध्यक्ष पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान












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