देहरादून 7 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहें, बल्कि अगले 25 वर्षों की चुनौतियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाएं ऐसी हों जो समय के साथ प्रभावी बनी रहें और अन्य राज्यों के लिए भी “बेस्ट प्रैक्टिस” का उदाहरण प्रस्तुत करें।
मुख्यमंत्री ने बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, डोईवाला (देहरादून), बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, पाइनस (नैनीताल) तथा बाबू जगजीवन राम बालिका छात्रावास, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के निर्माण कार्यों को हर हाल में अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने योजनाओं के एकीकरण (इंटीग्रेशन) पर जोर देते हुए कहा कि उनके क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में वित्तीय प्रबंधन तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही पात्र नागरिक स्वतः वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में शामिल हो जाएं, ताकि उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े और समय पर पेंशन का लाभ मिल सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शासकीय आवास सभागार में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं की जून-2026 माह की देय पेंशन राशि का डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से हस्तांतरण किया। उन्होंने कुल 9 लाख 80 हजार 950 लाभार्थियों के बैंक खातों में लगभग 145 करोड़ 42 लाख रुपये की पेंशन राशि सीधे भेजी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है जो आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है और सरकार इन्हें सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण सचिव तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनें समाज कल्याण योजनाएं : पुष्कर सिंह धामी वन क्लिक से 9.80 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई ₹145.42 करोड़ की पेंशन राशि













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