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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि को दी मंजूरी हरिद्वार, देहरादून, उत्तरकाशी, चम्पावत, ऊधमसिंहनगर और अल्मोड़ा की परियोजनाओं को मिली स्वीकृति


देहरादून 8 जुलाई । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में पेयजल, सीवरेज, नदी पुनर्जीवन, धार्मिक एवं शैक्षिक अवसंरचना से जुड़ी अनेक विकास योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत करने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र भगवानपुर में 200 हैंडपंपों के निर्माण के लिए ₹1.43 करोड़, रुड़की शहर की सीवरेज व्यवस्था के लिए ₹3.16 करोड़ तथा न्यू हरिद्वार मॉडल कॉलोनी एवं गोविंदपुरी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त वितरण पाइपलाइन के प्रतिस्थापन हेतु ₹4.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य में स्थापित गढ़वाल एवं कुमाऊं परिक्षेत्र की जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में मानकों के परीक्षण के लिए ऑटोमेटिक एनालाइजर सिस्टम की खरीद हेतु ₹2.54 करोड़ की योजना को भी मंजूरी दी है। इससे प्रयोगशालाओं की परीक्षण क्षमता में वृद्धि होगी और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून की गडूल नदी (सौंग नदी की सहायक नदी) के पुनर्जीवन एवं ट्रीटमेंट कार्यों के लिए ₹6.02 करोड़ तथा जनपद उत्तरकाशी की कमल गंगा नदी के पुनर्जीवन एवं ट्रीटमेंट कार्यों के लिए ₹4.17 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में ओखलढूंगा झील के सुरक्षात्मक एवं विकास कार्यों हेतु ₹74.38 लाख, जनपद ऊधमसिंहनगर के नानकमत्ता क्षेत्र स्थित बंगाली कॉलोनी के नव निर्मित दुर्गा मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए ₹56.51 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के सेराघाट स्थित मां मंगला भगवती मंदिर परिसर में धर्मशाला निर्माण हेतु ₹72.83 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
वहीं, हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के न्याय पंचायत लालढांग के अंतर्गत लाला ओम प्रकाश ज्ञानदीप कन्या इंटर कॉलेज की चहारदीवारी निर्माण के लिए ₹53.18 लाख की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री के इन निर्णयों से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक पर्यटन के विकास तथा शिक्षा एवं जनसुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है।


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